स्वीट कॉर्न की खेती कैसे करें? (Sweet Corn Farming in Hindi)
स्वीट कॉर्न की खेती कैसे करें? (Sweet Corn Farming in Hindi)
स्वीट कॉर्न (Sweet Corn) एक विशेष प्रकार की मक्का (मकई) की फसल है, जिसमें अधिक मात्रा में शर्करा (शुगर) होती है, जिससे इसका स्वाद मीठा होता है। इसे सब्जी और स्नैक्स के रूप में काफी पसंद किया जाता है। आइए जानते हैं इसकी खेती की पूरी जानकारी।
1. जलवायु और भूमि चयन
स्वीट कॉर्न की खेती के लिए गर्म और समशीतोष्ण जलवायु उपयुक्त होती है।
20°C से 30°C तापमान इसकी बढ़वार के लिए आदर्श है।
अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट या दोमट मिट्टी जिसमें जैविक पदार्थ अधिक हो, सर्वोत्तम मानी जाती है।
मिट्टी का pH 5.5 से 7.0 के बीच होना चाहिए।
2. प्रमुख किस्में (Varieties)
कुछ लोकप्रिय स्वीट कॉर्न की किस्में इस प्रकार हैं:
✅ शुगर-75 (Sugar-75)
✅ प्रिया स्वीट कॉर्न
✅ माही स्वीट कॉर्न
✅ सुपर स्वीट
✅ माधुरी स्वीट कॉर्न
3. बुवाई का समय और विधि
उत्तरी भारत में फरवरी-मार्च, जून-जुलाई और अक्टूबर-नवंबर में इसकी बुवाई की जा सकती है।
दक्षिण भारत में इसे सालभर उगाया जा सकता है।
कतार से कतार की दूरी 60-75 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 20-25 सेमी होनी चाहिए।
बीज की गहराई 3-5 सेमी होनी चाहिए।
प्रति एकड़ 8-10 किलो बीज की आवश्यकता होती है।
4. खाद एवं उर्वरक प्रबंधन
जैविक खाद: खेत की तैयारी के समय 10-15 टन गोबर की खाद डालें।
रासायनिक खाद:
नाइट्रोजन (N) – 120-150 किग्रा/हेक्टेयर
फॉस्फोरस (P) – 60-80 किग्रा/हेक्टेयर
पोटाश (K) – 40-50 किग्रा/हेक्टेयर
नाइट्रोजन को 3 भागों में बांटकर डालें – पहली बार बुवाई के समय, दूसरी बार 30 दिन बाद, तीसरी बार फूल आने से पहले।
5. सिंचाई प्रबंधन
पहली सिंचाई बुवाई के तुरंत बाद करें।
इसके बाद 7-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें।
फूल और दाने बनने की अवस्था में पर्याप्त नमी जरूरी है।
ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत होती है और उत्पादन अच्छा होता है।
6. रोग एवं कीट नियंत्रण
प्रमुख रोग:
✅ तना गलन (Stem Rot): कार्बेन्डाजिम @2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
✅ झुलसा रोग (Leaf Blight): मैंकोजेब 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में छिड़काव करें।
प्रमुख कीट:
✅ फॉल आर्मीवर्म: क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 18.5% SC @0.4 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़कें।
✅ माहू (Aphid): इमिडाक्लोप्रिड @0.5 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़कें।
7. फसल कटाई और उपज
बुवाई के 75-90 दिन बाद फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है।
जब दाने दूधिया अवस्था में हों, तभी तुड़ाई करें।
प्रति हेक्टेयर 12-15 टन उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
बाजार में इसकी कीमत सामान्य मक्का से 2-3 गुना अधिक होती है।
8. बाजार एवं मुनाफा
स्वीट कॉर्न की मांग शहरों, सुपरमार्केट, होटल, प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और फूड कंपनियों में बहुत अधिक है।
फ्रोजन स्वीट कॉर्न और कैनिंग इंडस्ट्री में इसकी भारी मांग रहती है।
प्रति एकड़ 50,000 से 1,50,000 रुपये तक का मुनाफा मिल सकता है।
निष्कर्ष
स्वीट कॉर्न की खेती कम समय में अधिक मुनाफा देने वाली फसल है। अगर सही तकनीक, उन्नत किस्में और अच्छे प्रबंधन के साथ खेती की जाए, तो किसान बेहतर उत्पादन और लाभ कमा सकते हैं।
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