नींबू की खेती करने के लिए, खेत को अच्छी तरह तैयार करना होता है.
नींबू की खेती (Lemon Farming) करने के लिए कुछ प्रमुख कदम निम्नलिखित हैं:
1. भूमि का चयन (Soil Selection)
नींबू की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली रेतीली या दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है।
भूमि का pH मान 6 से 7 के बीच होना चाहिए।
2. जलवायु (Climate)
नींबू गर्म और आर्द्र जलवायु में अच्छी तरह उगते हैं।
न्यूनतम तापमान 10°C और अधिकतम तापमान 38°C के बीच होना चाहिए।
3. पौधों का चयन (Plant Selection)
उच्च गुणवत्ता वाले नींबू के पौधों का चयन करें। आप विभिन्न किस्मों में से जैसे कि "गिरी" या "नवेली" का चयन कर सकते हैं।
नींबू के पौधे की उम्र 1 से 2 वर्ष तक होनी चाहिए।
4. रोपाई (Planting)
रोपाई के लिए उचित समय बरसात का मौसम होता है।
पौधों को 4 मीटर की दूरी पर लगाना चाहिए।
गड्ढे 30x30x30 सेंटीमीटर आकार के होने चाहिए।
5. सिंचाई (Irrigation)
नींबू को नियमित पानी की आवश्यकता होती है। गर्मी में अधिक पानी देना पड़ता है, जबकि सर्दी में सिंचाई कम करनी चाहिए।
ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग अधिक फायदेमंद हो सकता है।
6. खाद और उर्वरक (Fertilizers)
नींबू के पौधों को संतुलित उर्वरक देना चाहिए। हर तीन महीने में नाइट्रोजन, फास्फोरस, और पोटाश का मिश्रण देना लाभकारी होता है।
7. सुरक्षा (Protection)
नींबू के पौधों को रोगों और कीटों से बचाने के लिए समय-समय पर कीटनाशकों और फफूंदनाशकों का प्रयोग करें।
नींबू में आमतौर पर कीटों में लीफ माइनर, पाउडरी मिल्ड्यू और मच्छर होते हैं, जिन्हें नियंत्रित करना जरूरी होता है।
8. फसल की देखभाल (Crop Maintenance)
पौधों के आसपास के खरपतवार को समय-समय पर हटा दें।
नींबू के पौधों की छंटाई भी करें ताकि वे स्वस्थ और प्रोडक्टिव बने रहें।
9. कटाई (Harvesting)
नींबू का उत्पादन आमतौर पर 2-3 साल बाद शुरू होता है।
जब नींबू हल्के पीले रंग के और पकने के बाद थोड़ा कठोर हो जाएं, तो उन्हें तोड़ा जा सकता है।