Artical Detail

बाजरा की खेती करने का तरीकाः

  • 04/02/2025

बाजरा की खेती कैसे करें: विस्तृत मार्गदर्शिका

बाजरा (Pennisetum glaucum) एक प्रमुख अनाज है, जो शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु में अच्छी पैदावार देता है। यह फसल कम पानी में भी विकसित हो सकती है और मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने में सहायक होती है।

1. उपयुक्त जलवायु और मिट्टी
जलवायु: बाजरा गर्म और शुष्क जलवायु में पनपता है। 25-35°C तापमान सर्वोत्तम माना जाता है।
मिट्टी: हल्की रेतीली, दोमट और क्षारीय मिट्टी में भी इसे उगाया जा सकता है। अच्छी जल निकासी आवश्यक होती है।
2. उन्नत किस्में
पी.एस.एम. 3 (PSM 3): उत्तरी भारत के लिए उपयुक्त।
एच.एच.बी. 67 (HHB 67): जल्दी पकने वाली संकर किस्म।
राज 171: अधिक उपज देने वाली किस्म।
जी.बी. 8735: सूखा प्रतिरोधी और रोग प्रतिरोधक।
3. खेत की तैयारी
खेत को 2-3 बार जुताई करके भुरभुरा और समतल बना लें।
ऑर्गेनिक खाद (गोबर खाद, वर्मीकंपोस्ट) का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए करें।
4. बुवाई का समय और विधि
बुवाई का सही समय:
खरीफ: जून से जुलाई
रबी: अक्टूबर से नवंबर
ग्रीष्म: फरवरी से मार्च
बीज दर: 3-4 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
बुवाई की गहराई: 2-3 सेमी
पंक्तियों के बीच की दूरी: 40-45 सेमी
बीजोपचार: बोने से पहले बीज को कार्बेन्डाजिम या थायरम (2 ग्राम/किलो बीज) से उपचारित करें।
5. उर्वरक और खाद प्रबंधन
नाइट्रोजन (N): 60 किग्रा/हेक्टेयर
फॉस्फोरस (P): 40 किग्रा/हेक्टेयर
पोटाश (K): 20 किग्रा/हेक्टेयर
जैविक उर्वरकों का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए करें।
6. सिंचाई प्रबंधन
अधिकतर क्षेत्रों में वर्षा जल पर्याप्त होता है।
यदि आवश्यक हो तो 2-3 सिंचाइयाँ करें:
बुवाई के 20-25 दिन बाद
पुष्पन अवस्था में
दाने बनने की अवस्था में
7. खरपतवार नियंत्रण
बुवाई के 20-25 दिन बाद निराई-गुड़ाई करें।
पेंडीमिथालिन (1.0-1.5 लीटर/हेक्टेयर) का छिड़काव करें।
8. रोग और कीट नियंत्रण
स्मट रोग: थीरम (2 ग्राम/किलो बीज) से बीजोपचार करें।
रस्ट और ब्लास्ट: मैनकोजेब या कार्बेन्डाजिम (2 ग्राम/लीटर पानी) का छिड़काव करें।
तना मक्खी और सफेद लट: क्लोरपाइरीफॉस (2 मिली/लीटर) का छिड़काव करें।
9. फसल कटाई और उपज
कटाई तब करें जब दाने पूरी तरह पक जाएँ और नमी 12-14% हो।
हाथ से कटाई करें या हार्वेस्टर का उपयोग करें।
बाजरा की उपज औसतन 20-30 क्विंटल/हेक्टेयर तक हो सकती है।
10. भंडारण और विपणन
दानों को अच्छी तरह सुखाकर भंडारण करें।
सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत बिक्री करें।
यदि सही तकनीकों और उन्नत प्रबंधन तरीकों का पालन किया जाए, तो बाजरा की खेती से अच्छी पैदावार और लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

Related Artical

Copyright© Anndata Store managed by DNA Multi Trades | All right reserved.