मिर्च की खेती करने के लिए, बीज बोने से लेकर पौधों की रोपाई तक कई काम करने होते हैं.
मिर्च की खेती करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
1. भूमि का चयन:
मिर्च की खेती के लिए उर्वरक, जल निकासी वाली, हल्की रेतीली मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। मिट्टी का pH 6 से 7 के बीच होना चाहिए।
2. बीज की तैयारी:
मिर्च के बीजों को पहले अच्छे से छानकर बीज उपचार किया जाता है ताकि बीमारियों से बचाव हो सके। एक अच्छा और प्रमाणित किस्म का बीज चुनें।
3. नर्सरी का निर्माण:
बीजों को नर्सरी में 3-4 हफ्ते तक बोया जाता है। इसके बाद जब पौधे मजबूत हो जाएं, तब इन्हें मुख्य खेत में लगाया जाता है।
4. खेत की तैयारी:
खेत को अच्छी तरह से जुताई करके समतल बना लें। मिट्टी को अच्छी तरह से ढीला करें ताकि जल निकासी ठीक से हो सके।
5. बुआई का समय:
मिर्च की बुआई गर्मियों के मौसम में सबसे अच्छा होता है। यानी फरवरी से अप्रैल तक इसे बोने का आदर्श समय है।
6. सिंचाई:
मिर्च के पौधों को नियमित रूप से पानी देना ज़रूरी है, लेकिन ध्यान रखें कि पानी का जमाव न हो। सूखी अवस्था में पानी देना बेहतर है।
7. खाद और उर्वरक:
मिर्च के पौधों को उचित मात्रा में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश देने के लिए खाद डालें। जैविक खाद जैसे गोबर की खाद का उपयोग भी लाभकारी होता है।
8. कीट और रोगों से बचाव:
मिर्च के पौधों पर अक्सर कीट और रोग लगते हैं, जैसे कि अफिड्स और पत्तियों की सड़न। इनसे बचाव के लिए नियमित रूप से रासायनिक या जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें।
9. मंज़ल कटाई:
जब मिर्च के फल पककर लाल या हरे रंग के हो जाएं, तो इन्हें सावधानी से तोड़ा जाता है। आमतौर पर, मिर्च की फसल 3-4 महीने में तैयार हो जाती है।
10. बाजार में बिक्री:
मिर्च को ताजे और स्वस्थ रूप से बेचने के लिए अच्छी पैकिंग और मार्केटिंग पर ध्यान दें।
इन टिप्स का पालन करके आप मिर्च की अच्छी फसल उगाने में सफल हो सकते हैं।