गन्ने की खेती से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातेंः
अगर आप गन्ने की खेती (Sugarcane Farming) के बारे में हिंदी में जानकारी चाहते हैं, तो यहां विस्तार से बताया गया है:
गन्ने की खेती कैसे करें?
1. जलवायु और भूमि
गन्ने की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु सबसे उपयुक्त होती है।
इसके लिए 21°C से 35°C तापमान सही रहता है।
जल निकासी वाली दोमट मिट्टी (Loamy Soil) सबसे अच्छी होती है।
2. गन्ने की उन्नत किस्में
CO 0238, CO 0118, CO 98014, CO 86032, CO 89029, CO 740, आदि प्रमुख किस्में हैं।
सहारनपुर और मेरठ की किस्में भी उत्तर भारत में लोकप्रिय हैं।
3. खेत की तैयारी
खेत की गहरी जुताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बनाएं।
10-12 टन गोबर की खाद या जैविक खाद डालें।
संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें (NPK 120:60:40)।
4. गन्ने की बुवाई का सही समय
उत्तरी भारत में: फरवरी-मार्च और सितंबर-अक्टूबर
दक्षिण भारत में: अक्टूबर-नवंबर
5. गन्ने की बुवाई विधि
फरोज़ (Furrow) विधि: सबसे अधिक प्रयोग की जाती है।
त्रिकोणीय विधि: पौधों को त्रिकोणीय तरीके से लगाया जाता है जिससे उत्पादन अधिक होता है।
रिज एंड फरो विधि: पानी की बचत के लिए अपनाई जाती है।
6. सिंचाई और खाद
गर्मियों में 7-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें।
मानसून के दौरान अधिक पानी न दें।
पोटाश और नाइट्रोजन खाद का सही मात्रा में प्रयोग करें।
7. गन्ने की कटाई और उत्पादन
फसल तैयार होने में 10-12 महीने लगते हैं।
कटाई के बाद तुरंत मिल या गुड़ बनाने के लिए भेजना चाहिए।
प्रति हेक्टेयर 80-120 टन तक उत्पादन हो सकता है।
8. रोग और कीट नियंत्रण
लाल सड़न, काला चित्त रोग, उखटा रोग जैसे रोगों से बचाव करें।
दीमक और टिड्डियों के हमले से सुरक्षा के लिए जैविक कीटनाशक का उपयोग करें