गेहूं की खेती के लिए, इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
अगर आप गेहूं की खेती (Wheat Farming) से जुड़ी जानकारी हिंदी में चाहते हैं, तो मैं आपकी मदद कर सकता हूँ। गेहूं की अच्छी खेती के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1. सही जलवायु और भूमि:
गेहूं की खेती के लिए ठंडी जलवायु (15-25°C) उपयुक्त होती है।
दोमट मिट्टी जिसमें जल निकासी अच्छी हो, सबसे अच्छी मानी जाती है।
pH मान 6.0 से 7.5 के बीच होना चाहिए।
2. उन्नत किस्में:
सिंचित क्षेत्र के लिए: HD 2967, HD 3086, PBW 550
अल्प सिंचित क्षेत्र के लिए: K 9107, PBW 343
जैविक खेती के लिए: C306, Lok 1
3. बुवाई का समय:
सिंचित क्षेत्र: 1 से 15 नवंबर
अल्प सिंचित क्षेत्र: 15 से 30 नवंबर
पहाड़ी क्षेत्र: अक्टूबर के पहले सप्ताह में
4. बीज की मात्रा एवं उपचार:
बीज दर: 100-125 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
बीज उपचार: बीज को थीरम या कार्बेन्डाजिम (2 ग्राम/किग्रा) से उपचारित करें।
5. उर्वरक प्रबंधन:
120:60:40 किग्रा (NPK) प्रति हेक्टेयर
जैविक खेती के लिए गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और नीम खली का प्रयोग करें।
6. सिंचाई प्रबंधन:
पहली सिंचाई: बुवाई के 20-25 दिन बाद
दूसरी सिंचाई: बालियाँ निकलते समय
तीसरी सिंचाई: दूधिया अवस्था में
चौथी सिंचाई: पकने से पहले
7. कीट एवं रोग नियंत्रण:
कंडुआ रोग: बीज उपचार करें
गेरुई रोग: मैनकोजेब या ज़िनेब का छिड़काव करें
दीमक: क्लोरपाइरीफॉस मिलाकर सिंचाई करें
8. कटाई और भंडारण:
जब गेहूं की फसल पीली पड़ जाए और नमी 20% हो, तब कटाई करें।
दानों को अच्छे से सुखाकर 12% नमी पर भंडारण करें।