कॉफ़ी की खेती के लिए ज़रूरी बातें ये रहीं:
कॉफी की खेती कैसे करें?
कॉफी मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय (tropical) जलवायु में उगाई जाती है। भारत में यह कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के पहाड़ी क्षेत्रों में उगाई जाती है।
1. सही जलवायु और मिट्टी:
तापमान: 15°C से 30°C के बीच उपयुक्त होता है।
वर्षा: 1500-2500 मिमी सालाना।
मिट्टी: जैविक तत्वों से भरपूर, जलनिकासी वाली, दोमट या लाल मिट्टी।
2. कॉफी की किस्में:
मुख्य रूप से दो प्रकार की कॉफी उगाई जाती है:
अरेबिका (Arabica): उच्च गुणवत्ता वाली लेकिन रोग-संवेदनशील।
रोबस्टा (Robusta): रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक और कैफीन अधिक होता है।
3. रोपण (Planting):
पौधे को नर्सरी में तैयार किया जाता है और फिर मुख्य खेत में लगाया जाता है।
2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर पौधे लगाने चाहिए।
छायादार पेड़ों के नीचे कॉफी की खेती की जाती है।
4. उर्वरक और देखभाल:
जैविक खाद, गोबर खाद, वर्मी-कंपोस्ट का उपयोग करें।
नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम युक्त उर्वरकों का संतुलित उपयोग करें।
समय-समय पर सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण करें।
5. रोग और कीट नियंत्रण:
कॉफी रस्ट (Coffee Rust) और बेरी बोअर (Berry Borer) जैसे कीटों से बचाव करें।
जैविक और रासायनिक कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करें।
6. फसल कटाई और प्रसंस्करण:
कॉफी के फल (चेरी) 6-8 महीने में पकते हैं।
हाथ से तोड़कर या मशीन से फसल काटी जाती है।
फलों को सुखाकर या गीले प्रोसेसिंग (Wet Processing) के जरिए बीज निकाले जाते हैं।