यहाँ शिमला मिर्च की खेती के लिए आवश्यक जानकारी दी गई है:
शिमला मिर्च की खेती (Capsicum Farming) करने के लिए सही जलवायु, मिट्टी, बीज, सिंचाई और देखभाल की आवश्यकता होती है। यहाँ शिमला मिर्च की खेती के लिए आवश्यक जानकारी दी गई है:
1. जलवायु और तापमान
शिमला मिर्च समशीतोष्ण (मॉडरेट) जलवायु में अच्छी होती है।
आदर्श तापमान: 18-25°C
अधिक गर्मी (30°C से अधिक) और ठंड (-5°C से कम) फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
2. मिट्टी
हल्की बलुई दोमट मिट्टी जिसमें अच्छी जल निकासी हो।
pH मान: 6.0-7.5
खेत की तैयारी के समय गोबर की खाद या जैविक खाद डालें।
3. बीज और बुवाई का समय
बीज को नर्सरी में 20-25 दिन तक उगाने के बाद पौध को मुख्य खेत में लगाना चाहिए।
रोपाई का समय:
सर्दियों की फसल: सितंबर-अक्टूबर
गर्मी की फसल: जनवरी-फरवरी
बरसात की फसल: जून-जुलाई
प्रति हेक्टेयर 200-300 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है।
4. रोपाई और पौधों की दूरी
कतार से कतार की दूरी: 50-60 सेमी
पौधे से पौधे की दूरी: 30-40 सेमी
5. सिंचाई प्रबंधन
शिमला मिर्च में नियमित लेकिन हल्की सिंचाई करें।
ड्रिप इरिगेशन से पानी देने पर बेहतर उत्पादन मिलता है।
गर्मियों में हर 4-5 दिन में सिंचाई करें और सर्दियों में 8-10 दिन के अंतराल पर।
6. खाद एवं उर्वरक
गोबर खाद या कम्पोस्ट: 10-15 टन प्रति हेक्टेयर
नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की संतुलित मात्रा दें।
यूरिया: 100-120 किग्रा/हेक्टेयर
डीएपी: 50-60 किग्रा/हेक्टेयर
एमओपी: 50-70 किग्रा/हेक्टेयर
7. रोग और कीट नियंत्रण
कीट:
थ्रिप्स और एफिड्स (कीटनाशक: इमिडाक्लोप्रिड या डाइमेथोएट)
फल छेदक कीट (स्पिनोसैड का छिड़काव)
रोग:
मुरझान (फफूंदनाशक: कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम/लीटर पानी)
पत्ती धब्बा रोग (कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव)
8. फसल कटाई और उत्पादन
बुवाई के 60-90 दिन बाद फसल तैयार होती है।
हरे फलों की तुड़ाई करें, ताकि पौधे लंबे समय तक उत्पादन दें।
प्रति हेक्टेयर 250-300 क्विंटल तक उत्पादन हो सकता है।
9. बाजार और मुनाफा
शिमला मिर्च की अच्छी गुणवत्ता की बाजार में अधिक मांग होती है।
इसे ताजा सब्जी के रूप में बेचा जाता है और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में भी उपयोग होता है।
सही समय पर कटाई और अच्छी पैकेजिंग से अधिक मुनाफा मिल सकता है।
अगर आप शिमला मिर्च की खेती से अधिक उत्पादन और मुनाफा चाहते हैं, तो हाइब्रिड बीज और ड्रिप सिंचाई जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करें। 🚜🌱