रजनीगंधा (Tuberose) की खेती के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं:
रजनीगंधा (Tuberose) की खेती के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं:
1. मिट्टी का चयन:
रजनीगंधा की खेती के लिए उपजाऊ, अच्छी जल निकासी वाली और हल्की बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है। pH मान 6 से 7 के बीच होना चाहिए।
2. जलवायु:
रजनीगंधा को गर्म और नम जलवायु में अच्छा विकास होता है। तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच सबसे उपयुक्त रहता है।
3. बीज/कंद:
रजनीगंधा की खेती कंद (bulb) से की जाती है, जिसे अप्रैल-मई में रोपा जाता है। कंद को अच्छे से चुना और स्वस्थ होना चाहिए।
4. खेती की विधि:
रोपाई की दूरी: रजनीगंधा के पौधों के बीच 15-20 सेंटीमीटर और पंक्तियों के बीच 30-40 सेंटीमीटर की दूरी रखें।
गहरी खुदाई: कंदों को 6-8 सेंटीमीटर गहरी मिट्टी में रोपें।
5. सिंचाई:
सिंचाई की व्यवस्था को हमेशा सुनिश्चित करें, लेकिन अधिक पानी जमा न होने दें। गर्मी के दिनों में हर 7-10 दिन में सिंचाई करनी चाहिए। वर्षा के मौसम में सिंचाई कम करें।
6. खाद और उर्वरक:
बुवाई से पहले अच्छी मात्रा में सड़ी हुई गोबर की खाद डालें। नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के संतुलित मिश्रण का उपयोग करें, विशेष रूप से फूलों की अधिकता के लिए।
7. कटी और प्रसंस्करण:
रजनीगंधा के फूलों को सुबह-सुबह या शाम के समय काटें। ये फूल बहुत नाजुक होते हैं, इसलिए काटने में सावधानी बरतें।
8. रोग और कीट:
रजनीगंधा पर कुछ सामान्य कीट जैसे इल्ली और फंगस हमला कर सकते हैं, इसलिए इनकी रोकथाम के लिए कीटनाशकों का सही समय पर उपयोग करें।
रजनीगंधा की खेती में सही देखभाल और प्रबंधन से अच्छे फूलों की उपज प्राप्त की जा सकती है।