सहजन खेती करने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं का ध्यान रखना आवश्यक है:
सहजन (मोरिंगा) की खेती एक लाभदायक कृषि व्यवसाय है, जो कम लागत में अधिक मुनाफा दे सकती है। इसकी खेती करने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं का ध्यान रखना आवश्यक है:
1. जलवायु और मिट्टी
सहजन की खेती के लिए गर्म और शुष्क जलवायु उपयुक्त होती है।
यह 25-35 डिग्री सेल्सियस तापमान में अच्छी तरह बढ़ता है।
अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सर्वोत्तम होती है।
2. उन्नत किस्में
PKM-1, PKM-2 (तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित)
रोहित 1
कोयंबटूर 1 और 2
3. बीज की बुवाई और पौध रोपण
बीज को सीधे खेत में या नर्सरी में तैयार किया जा सकता है।
कतार से कतार की दूरी 3 मीटर और पौधे से पौधे की दूरी 1 मीटर होनी चाहिए।
बीज 1-2 सेंटीमीटर गहराई में बोएं और हल्की सिंचाई करें।
4. खाद एवं उर्वरक
जैविक खाद (गोबर खाद, वर्मीकंपोस्ट) का उपयोग करें।
NPK 20:20:20 उर्वरक का संतुलित उपयोग करें।
5. सिंचाई एवं देखभाल
हल्की सिंचाई करें, अधिक पानी से बचें।
खरपतवार नियंत्रण और समय-समय पर कटाई आवश्यक है।
6. रोग एवं कीट प्रबंधन
एफिड्स और चेपा कीटों से बचाव के लिए नीम तेल का छिड़काव करें।
जड़ सड़न से बचने के लिए जल निकासी सही रखें।
7. फसल कटाई और उत्पादन
6-8 महीने में पहली कटाई शुरू हो जाती है।
एक पेड़ से 25-30 किलो फल प्राप्त किया जा सकता है।
8. बाजार और लाभ
सहजन की डिमांड आयुर्वेदिक, औषधीय और सब्जी बाजार में अधिक है।
पत्तियों, फली और जड़ों का उपयोग विभिन्न उत्पादों में किया जाता है, जिससे अधिक मुनाफा संभव है।
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