Artical Detail

जीरा के बीजों को बोने से पहले अच्छे से चुनकर साफ करें।

  • 04/02/2025

1. जलवायु और भूमि चयन:
जीरा की खेती गर्म और शुष्क जलवायु में सबसे अच्छे तरीके से होती है।
यह हल्की और सूखी मटीली भूमि में बेहतर उगता है। गहरी और जलनिकासी वाली भूमि इसकी वृद्धि के लिए उपयुक्त रहती है।
2. बीज की तैयारी:
जीरा के बीजों को बोने से पहले अच्छे से चुनकर साफ करें।
आप बीजों को 24 घंटे पानी में भिगोकर भी रोप सकते हैं ताकि उनका अंकुरण बेहतर हो।
3. बुवाई का समय:
जीरा की बुवाई आमतौर पर मानसून की शुरुआत के बाद होती है, यानी जून से अगस्त के बीच।
इसे बुवाई के समय का ध्यान रखना जरूरी है क्योंकि जीरा को बहुत अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन नमी की आवश्यकता होती है।
4. बुवाई का तरीका:
जीरा के बीजों को 30 से 45 सेंटीमीटर की पंक्तियों में बोएं और बीजों के बीच 15 से 20 सेंटीमीटर की दूरी रखें।
बीजों को हल्की मिट्टी में दबाकर बोने से अंकुरण बेहतर होता है।
5. खाद और उर्वरक:
जीरा की खेती में सामान्यतः अच्छे कार्बनिक खाद का प्रयोग किया जाता है।
नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित उपयोग करें। बुवाई से पहले 10-15 टन प्रति हेक्टेयर गोबर की खाद डाली जा सकती है।
6. सिंचाई:
जीरा को बहुत अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन पौधे के बढ़ने के समय हल्की सिंचाई की आवश्यकता होती है।
जरूरत के अनुसार, 10 से 15 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें, खासकर अगर बारिश कम हो।
7. सार संभाल (कृषि प्रबंधन):
खरपतवार नियंत्रण के लिए समय-समय पर निराई-गुड़ाई करें।
बीमारियों और कीटों से बचाने के लिए कीटनाशकों का प्रयोग कर सकते हैं, जैसे कि सफेद मच्छर और पत्तियों पर लगने वाले कीटों के लिए कीटनाशक।
8. फसल की कटाई:
जब जीरा के पौधे सूखने लगें और बीजों का रंग हल्का भूरा हो जाए, तब इसे काटा जाता है।
कटाई के बाद बीजों को छांव में सुखाकर अच्छी तरह से सफा कर लिया जाता है।

Related Artical

Copyright© Anndata Store managed by DNA Multi Trades | All right reserved.