काजू की खेती कैसे की जाती है ?
1. जलवायु और मिट्टी
काजू गर्म और आर्द्र जलवायु में अच्छा बढ़ता है।
इसे 20°C से 35°C तापमान की आवश्यकता होती है।
अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है।
2. काजू की उन्नत किस्में
वीआरआई-1, वीआरआई-2
बीएच-6, बीएच-85
गोवा-1, गोवा-2
वेंगुर्ला-4, वेंगुर्ला-7
3. बुवाई का समय
जून से अगस्त सबसे अच्छा समय होता है।
गर्मियों में सिंचाई की आवश्यकता होती है।
4. पौधों की दूरी और रोपाई
7x7 मीटर या 8x8 मीटर की दूरी पर पौधे लगाएं।
गड्ढे का आकार 60x60x60 सेमी रखें और उसमें जैविक खाद मिलाएं।
5. देखभाल और खाद
साल में दो बार खाद (गोबर की खाद, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) डालें।
खरपतवार नियंत्रण के लिए समय-समय पर निराई-गुड़ाई करें।
6. सिंचाई
बारिश पर निर्भर खेती के लिए विशेष सिंचाई की जरूरत नहीं होती।
सूखे क्षेत्रों में गर्मी में 10-15 दिन में एक बार सिंचाई करें।
7. कीट और रोग नियंत्रण
तना छेदक कीट, एफिड्स और मिली बग को नियंत्रित करने के लिए जैविक या रासायनिक उपाय अपनाएं।
पत्तों और फलों के धब्बे रोकने के लिए बोर्डो मिश्रण का छिड़काव करें।
8. फसल कटाई और उत्पादन
काजू के पेड़ 3-4 साल में फल देना शुरू करते हैं।
फल पकने के बाद उन्हें एकत्र कर सुखाया जाता है और फिर काजू की प्रोसेसिंग की जाती है।
एक पेड़ से 8-10 किलो तक काजू मिल सकता है।