सोयाबीन की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु उपयुक्त होती है।
सोयाबीन की खेती कैसे करें?
1. उपयुक्त जलवायु और मिट्टी:
सोयाबीन की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु उपयुक्त होती है।
अच्छी जल निकासी वाली दोमट या काली मिट्टी सबसे बेहतर होती है।
मिट्टी का pH स्तर 6.0 से 7.5 के बीच होना चाहिए।
2. बीज चयन और बुवाई:
उन्नत किस्में: JS 95-60, JS 93-05, JS 20-29, NRC 37, NRC 86, RKS 24
बीज दर: 25-30 किग्रा/हेक्टेयर
बुवाई का समय: जून के मध्य से जुलाई के पहले सप्ताह तक
कतार से कतार की दूरी: 30-45 सेमी
बीज को राइजोबियम कल्चर और फफूंदनाशक से उपचारित करें।
3. उर्वरक एवं खाद:
20-25 टन गोबर की खाद प्रति हेक्टेयर डालें।
20:60:40 किग्रा (नाइट्रोजन: फास्फोरस: पोटाश) प्रति हेक्टेयर आवश्यक।
जिंक और सल्फर की कमी होने पर जिंक सल्फेट (25 किग्रा/हेक्टेयर) का प्रयोग करें।
4. सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण:
वर्षा आधारित क्षेत्रों में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती।
यदि वर्षा कम हो तो फूल और दाने भरने की अवस्था में हल्की सिंचाई करें।
खरपतवार नियंत्रण के लिए पेंडीमिथालिन (1.0 लीटर/हेक्टेयर) या इमेजाथाप्यर (1 लीटर/हेक्टेयर) का छिड़काव करें।
5. रोग एवं कीट नियंत्रण:
पीला मोज़ेक वायरस से बचाव के लिए रोगरोधी किस्मों का उपयोग करें और संक्रमित पौधों को हटा दें।
गर्डल बीटल, इल्ली, हरा तेला से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड या डाइमेथोएट का छिड़काव करें।
6. कटाई और उत्पादन:
फसल पकने में 90-120 दिन लगते हैं।
जब पत्तियां पीली होकर गिरने लगें और फलियां सूख जाएं तो कटाई करें।
औसत उपज: 20-25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर।
अगर आपको और जानकारी चाहिए तो बताइए! 😊