संतरे की खेती के लिए काली मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है.
संतरे की खेती कैसे करें? (Santare Ki Kheti Kaise Karein?)
संतरा (Orange) एक महत्वपूर्ण फलदार फसल है, जो विटामिन C से भरपूर होती है। भारत में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और कर्नाटक में संतरे की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है।
1. जलवायु और मिट्टी
संतरे की खेती के लिए गर्म और शुष्क जलवायु उपयुक्त होती है।
25-35°C तापमान इसकी अच्छी वृद्धि के लिए आवश्यक है।
दोमट या बलुई दोमट मिट्टी जिसमें जल निकास अच्छा हो, सबसे उपयुक्त होती है।
मिट्टी का pH 5.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए।
2. उन्नत किस्में
नागपुर संतरा (Maharashtra)
किन्नू (Punjab, Rajasthan)
माल्टा (Uttarakhand, Himachal Pradesh)
मोसंबी (Sweet Orange)
डार्जलिंग संतरा
3. खेत की तैयारी और रोपण
पहले मिट्टी की जांच करवाएं और आवश्यकता अनुसार जैविक खाद डालें।
खेत को अच्छे से जुताई करके समतल करें।
6×6 मीटर की दूरी पर गड्ढे (1x1x1 मीटर) बनाएं और गोबर की खाद तथा नीमखली मिलाकर भरें।
पौधों की रोपाई मानसून (जुलाई-अगस्त) में करें।
4. खाद एवं उर्वरक
10-15 किलो गोबर खाद प्रति पौधा प्रति वर्ष दें।
नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश (NPK) का संतुलित अनुपात आवश्यक है।
500 ग्राम यूरिया, 300 ग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट और 250 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधा दें।
5. सिंचाई प्रबंधन
गर्मियों में 10-12 दिन में एक बार सिंचाई करें।
ठंड के मौसम में 15-20 दिन के अंतराल पर पानी दें।
ड्रिप इरिगेशन प्रणाली अपनाने से जल की बचत होती है।
6. रोग एवं कीट नियंत्रण
गुम्मोज़िस रोग – कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव करें।
साइट्रस कैंकर – बोर्डो मिश्रण (Bordeaux Mixture) का छिड़काव करें।
फलों का झड़ना – पोटाश और जिंक सल्फेट का छिड़काव करें।
मिली बग और थ्रिप्स – नीम तेल या जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करें।
7. कटाई और उत्पादन
संतरे की फसल 3-4 साल में फल देना शुरू कर देती है।
फलों को पूर्ण पकने के बाद ही तोड़ें, जिससे गुणवत्ता बनी रहे।
एक हेक्टेयर में 8-10 टन संतरे का उत्पादन संभव है।
निष्कर्ष
संतरे की खेती सही तकनीकों और अच्छे देखभाल के साथ की जाए तो यह एक लाभदायक व्यवसाय बन सकता है। यदि ड्रिप इरिगेशन, जैविक खाद और रोग नियंत्रण पर ध्यान दिया जाए, तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होगी।
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