Artical Detail

भिंडी की खेती करने के लिए, इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • 04/02/2025

भिंडी (Okra) की खेती एक लाभदायक व्यवसाय है, जिसे सही तकनीक और देखभाल के साथ किया जाए तो अच्छी पैदावार मिलती है। यहाँ भिंडी की खेती से जुड़ी पूरी जानकारी दी जा रही है:

1. जलवायु और मिट्टी:
भिंडी की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु उपयुक्त होती है।
अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है।
pH मान 6.0-7.5 के बीच होना चाहिए।
2. उन्नत किस्में:
प्रारंभिक किस्में: अर्का अनमोल, परभणी क्रांति, पूसा ए-4
मध्यम अवधि की किस्में: अर्का अभय, अर्का उत्तम
संकर किस्में: शुभ्रांगी, शक्ति, महिको-10
3. बुवाई का समय:
ग्रीष्मकालीन फसल: फरवरी-मार्च
वर्षा ऋतु की फसल: जून-जुलाई
रबी फसल: सितंबर-नवंबर (गर्म क्षेत्रों में)
4. बीज की मात्रा और बुवाई:
प्रति हेक्टेयर 8-10 किग्रा बीज की आवश्यकता होती है।
कतार से कतार की दूरी 45-60 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 20-30 सेमी रखनी चाहिए।
बीज को बोने से पहले 12 घंटे पानी में भिगोना या फफूंदनाशक से उपचार करना चाहिए।
5. खाद एवं उर्वरक:
गोबर खाद: 10-15 टन/हेक्टेयर
नाइट्रोजन (N): 90 किग्रा/हेक्टेयर (दो भागों में)
फास्फोरस (P): 50 किग्रा/हेक्टेयर
पोटाश (K): 50 किग्रा/हेक्टेयर
6. सिंचाई प्रबंधन:
गर्मी में 5-7 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें।
बरसात में जल निकासी का ध्यान रखें।
फूल आने और फल बनने के समय नमी की कमी नहीं होनी चाहिए।
7. रोग एवं कीट नियंत्रण:
फल छेदक कीट: नीम का तेल (5ml/L पानी) या स्पिनोसैड (0.5ml/L) का छिड़काव करें।
पीला मोज़ेक वायरस: रोगग्रस्त पौधों को हटा दें, इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करें।
पाउडरी मिल्ड्यू: सल्फर डस्टिंग या कार्बेन्डाजिम (1g/L) का छिड़काव करें।
8. तुड़ाई और उपज:
बुवाई के 50-60 दिन बाद पहली तुड़ाई होती है।
प्रत्येक 2-3 दिन में तुड़ाई करें ताकि अच्छे दाम मिलें।
औसत उपज 100-150 क्विंटल/हेक्टेयर तक होती है।
9. बाजार और मुनाफा:
स्थानीय मंडियों, थोक विक्रेताओं और सुपरमार्केट में बिक्री कर सकते हैं।
प्रोसेसिंग यूनिट को भी भिंडी बेच सकते हैं।
जैविक खेती करने पर बेहतर दाम मिल सकते हैं

Related Artical

Copyright© Anndata Store managed by DNA Multi Trades | All right reserved.